Deewan-E-Sarai 02: Shehernama
दीवान-ए-सराय 02: शहरनामा डिज़ाइन और प्रस्तुति: सराय मीडिया लैब, सराय, दिल्ली संपादन: श्रृंखला संपादक: रविकान्त इस दीवान के संपादक: रविकान्त + संजय शर्मा पुस्तक सज्जा: डिज़ाइन: मृत्युंजय चैटर्जी कवर डिज़ाइन: मृत्युंजय चैटर्जी डिज़ाइन संयोजक: मॉनिका नरुला उत्पादन: अनुवाद: योगेन्द्र दत्त, मनीषा सिंह, दीपक किशोर, मनीषा सिंह, नवलकिशोर राम, संजय शर्मा, रविकान्त संपादन सहयोग: योगेन्द्र दत्त, सोहन पाल, शशिकांत, सदन झा, राकेश कुमार सिंह नरेश गोस्वामी उत्पादन सहयोग: श्वेता सारदा, आशीष महाजन, मोस्लेम कुरैशी, भगवती, कालूरामजी, सचिन, विकास प्रकाशक: सराय सेंटर फ़ॉर द स्टडी डेवेलपिंग सोसायटीज़ 29, राजपुर रोड, दिल्ली-110054, भारत फ़ोन: (+91) 11-2396 0040, फ़ैक्स: (+91) 11-2392 8391 ई-मेल: dak@sarai.net वाणी प्रकाशन 21, ए दरियागंज, नई दिल्ली 110002 प्रकाशन तिथि दिल्ली, जनवरी, 2005 इस दीवान में छपी रचनाओं का सर्वाधिकार उनके रचनाकारों के पास है। पर इसके किसी भी हिस्से के शैक्षिक और ग़ैर-व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए प्रकाशक से इजाज़त लेने की ज़रूरत नहीं है। अलबत्ता लेखकों और प्रकाशकों को इत्तला कर दें तो उन्हें बेहद ख़ुशी होगी। मुद्रक: एस एन प्रिंटर्स, दिल्ली - 110032 सजिल्द: ISBN – 81 – 8143-395-5 अजिल्द: ISBN – 81 – 8143-394-7 |
अनुक्रम भूमिका कल्पना का शहर कोलकाता––अ पोर्ट्रेट इन ब्लैक ऐण्ड ब्लड शमीम हनफ़ी ग़ालिब का तसव्वुर-ए-शहर व दिल्ली ज़वान उल हक़ देस-परदेस का द्वन्द्व और दिल्ली अविनाश कुमार यह जो पटना था अमिताभ कुमार कौन जाएगा कहीं काशी की गाली छोड़ के गौतम सान्याल सेक्स रेवॉलूशन ज़िन्दाबाद विपिन भाटी कामना का शहर नाइजीरिया––सिनेमा हॉल की ज़मीन पर ब़ायन लार्किन फ़िल्मी पोस्टर का सफ़र रंजीनी मजुमदार सेनगुप्ता अकथ कथन अर्थात ज़ेहन के गुप्त रोग शुद्धब्रत सेनगुप्ता यमुनापार के घुमंतू बाज़ार नरेश गोस्वामी महानगर में छठ: दिल्ली के नक़्शे पर लोकपर्वों का बढ़ता रुतबा राकेश कुमार सिंह फुटपाथ पर कामसूत्र: नई सेक्सी दिल्ली अभय कुमार दुबे ऑटो के पीछे क्या है प्रभात + रविकांत अड्डेबाज़ शहर इलाहाबाद का कॉफ़ी हाउस नीलाभ यहाँ एक कॉफ़ी हाउस रहता था राजकुमार कुंभज सामाजिकता का वास्तुशिल्प: दिल्ली का ऐतिहासिक कॉफ़ी हाउस सौम्या वर्मा + सुमित रॉय कुछ सराय/की रवीन्द्र कुमार हैमबर्गारियों का बेमुरव्वत श्रमशास्त्र सैयद ख़ालिद जमाल मॉडल टाउन का मेला: 'दौरे बेकली' के. जी. वर्मा बेचैन शहर बेजिंग में महामारी: सार्स के आईने में चीनी राष्ट्रवाद और आधुनिकता का अक्स संजय शर्मा स्वच्छता के दावेदार: समकालीन दिल्ली में पर्यावरण और इंसाफ़ अवधेन्द्र शरण मंकीमैन : दिल्ली का पहला सायबॉर्ग़ ? शुद्धब्रत सेनगुप्ता आयो कहाँ से मंकीमैन आदित्य निगम मंकीमैन के नाम खुला ख़त पुरुषोत्तम अग्रवाल अजनबी होती खुदी: सिनेमाई शहर में हिंसा का अभिनय रवि वासुदेवन तकनीक के खंडहर रवि सुंदरम सायबरमोहल्ला डायरियाँ शहर-ए-याद कहाँ मेरा इलाहाबाद आलोक राय अट्ठाईस किलोमीटर इंग्लिश चैनल गोपाल प्रधान यादों से रची दिल्ली विनय श्रीवास्तव तारीख़ी शहर पुरातत्व का मिथक व मिथक का पुरातत्व: पुराना क़िला आंनद विवेक तनेजा शहर की आँखें, शहर की कहानी सदन झा गुलाम माज़ी पर कुछ आज़ाद ख़याल पार्थो दत्ता राष्ट्रवाद का नारी-परिवेश––दिल्ली, 1930-47 स्टीफ़ेन लेग सन् 47 से उबरती दिल्ली की 'रिफूजिनें' अंजलि भारद्वाज कोलकाता, 47: साम्राज्य का अंत आशिस नंदी बनारस––मृत्युनगर की पौराणिकी प्रेम कुमार तिवारी शहराती साहित्य: एक बानगी शाशिकांत रचनाकार परिचय आभार |









